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Hindi Sex Stories – हिंदी सेक्स कहानियाँ

किशनगढ़ की चुदक्कड़ मिंया खलीफा


Xxx गर्ल चूत की कहानी में एक लड़की ने अपनी बेलगाम वासना की बातें लिखी हैं. वह हर किसी से चुदवा लेती थी. एक बार उसने मॉल में एक लड़का देखा और अगले दिन उसे पटाकर सेक्स का मजा ले लिया.

आदाब दोस्तो, मैं ज़ेबा अत्तार आप सभी का अपनी एक नई कहानी में फिर से स्वागत करती हूं.
मेरे बारे में तो आपने मेरी पिछली सेक्स कहानी
मेरी चुदक्कड़ अम्मी की बेख़ौफ़ अय्याशी
में पढ़ा ही होगा. इसलिए आपका वक़्त बर्बाद न करके मैं सीधे कहानी पर आती हूँ.

यह कहानी सुनें.

यह Xxx गर्ल चूत की कहानी मेरी सहेली डॉली की भाभी अफ़साना की है, जिसे आप उसी की जुबान से सुनकर आनन्द लीजिए.

हाय दोस्तो, मेरा नाम अफ़साना है और मैं 35 वर्ष की हूँ.

मैं जयपुर के पास किशनगढ़ की रहने वाली हूँ. मेरा क़द 5 फ़ीट ही है, मैं ज़्यादा लंबी नहीं हूँ मगर दिखने में सुंदर हूँ.
मेरा रंग गोरा है, गोल चेहरा और तीखे नैन हैं.
मेरे चूचे 34 इंच के एकदम गोल खरबूजे की तरह हैं. कमर 30 इंच की और मेरी अकड़ती हुई गांड 36 इंच की है.

मेरी दूधिया जांघों के बीच एक काफी बड़ी और गहरी भूरे रंग की चूत है.
मेरी चूत के मोटे व गद्देदार होंठ किसी तंदूरी रोटी की तरह फूले हुए हैं.
मेरी गांड का छेद भी काफी बड़ा है और गहरे भूरे रंग का है. मेरे चूचों के चूचक काफी बड़े जामुन की तरह हैं और ये हल्के भूरे रंग के हैं.

अब आपके दिमाग में मेरी पूरी नंगी तस्वीर बन चुकी होगी.

यह बात उन दिनों की है, जब मैं 20 साल की थी और बहुत चुदक्कड़ थी.
पूरे मोहल्ले में ऐसा कोई घर नहीं था, जिसमें मैंने अपनी चुदाई न कराई हो.

मोहल्ले और रिश्तेदारों में हर एक मर्द, जवान लड़के और बड़ी उम्र के अंकल टाइप के पुरुषों तक को मैंने अपनी चूत की पेशाब पिलाई थी और उनके लंड को चूस चूस कर अपनी चूत में ठंडा करवा लिया था.

जब भी मैं किसी मर्द के साथ चुदाई करवाती तो कमर के नीचे के दोनों छेदों की चुदाई करवाती थी क्योंकि जब तक मेरे दोनों छेद ढीले न हों, मुझे मज़ा नहीं आता था.

इसी लिए आज मेरे दोनों छेदों की गहराई और चौड़ाई एक जैसी है.

मेरा रंडीपना मेरे दोस्तों और पूरे मोहल्ले में मशहूर था.
पूरे मोहल्ले के मर्द मुझे पोर्न स्टार मिंया ख़लीफ़ा कहते थे.

अब तक मेरी चूत की खुजली इतनी बढ़ चुकी थी कि मैं अपने पापा के दोस्तों से भी चुदने लगी थी.

वे मुझे अपनी कार में बैठाते और किसी सुनसान जगह या होटल में ले जाकर कुतिया की तरह चोदते.

एक दिन में एक बड़े मॉल में शॉपिंग के लिए गई थी, तब मुझे वहां एक मस्त लंबा चौड़ा लड़का दिखाई दिया.
वह बहुत हैंडसम था.
मैं उसको देखते ही उस पर लट्टू हो गई और उसको देखने लगी.

उसने मॉल से एक लाल शर्ट और 2 जोड़ी सफेद मोजे खरीदे.

जब वह मॉल से बाहर निकला तो मैंने देखा कि उसने अपनी लग्जरी कार का दरवाज़ा खोला और उसमें बैठ कर जाने लगा.

तब मैंने अपनी स्कूटी से उसके पीछे लगा दी और उसके घर तक पीछा किया.

उसका घर देखकर मेरी आंखें चकाचौंध हो गईं.
वह एक आलीशान बंगले में रहता था.

उसी वक्त मैंने मन में ठान लिया था कि उसको अपना गुलाम बनाऊंगी.
यही सोचते हुए मैं वापस घर आ गई.

उस वक्त शाम के 5 बजे थे कि तभी मेरे फोन पर चाचा जी का फ़ोन आया.

उन्होंने कहा- हैलो अफ़साना, तेरी चाची उसके मायके गई है … आज घर ख़ाली है, तुम कितनी देर में आ सकती हो?
मैंने कहा- आधे घण्टे में आ जाऊंगी.
चाचा ने कहा- आ जा मेरी जान … तुझे आज ऐश करवाता हूँ!

मैंने अच्छी सी ब्रा पैंटी पहनी, थोड़ा मेकअप किया और पहुंच गई चाचा के घर!

मेरे अन्दर आते ही चाचा ने घर का दरवाजा बंद किया और मुझे दबोच लिया.

उसके बाद पूरे 3 घंटों तक उन्होंने मुझे मादरजात नंगी करके किसी रंडी की तरह चोदा.

चुदाई के बाद मैंने कपड़े पहने और घर के लिए निकल ही रही थी कि तभी चाचा ने मेरी टी-शर्ट में हाथ डाला और मेरी ब्रा अन्दर हाथ डालकर कुछ रुपए रख कर मेरा एक चूचा मसल दिया.

मैं खुश होकर घर आ गई, पहले नहाई फिर खाना खाया.

अब रात के 11 बज चुके थे तो मैं अपने रूम में आ गई और दरवाज़ा बन्द कर दिया.

अपने पूरे कपड़े उतारे और ब्रा पैंटी में बिस्तर पर लेटे हुए मोबाइल पर फेसबुक चलाने लगी.

कुछ देर बाद मुझे फेसबुक पर वह लड़का दिखा जो मुझे मॉल में मिला था.

मैंने झट से अपनी प्रोफाइल में सुंदर सी पिक सैट की और उसको फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी.
साथ ही मैं उसकी प्रोफाइल चैक करने लगी.

फेसबुक पर उसने खुद का नाम राज मल्होत्रा लिखा हुआ था.
कुछ मिनट बाद उसने मेरी फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर ली.

कुछ देर मैंने इंतज़ार किया मगर उसका कोई रेस्पांस नहीं आया.
फिर मैंने ही उसको हैलो लिखकर भेजा.

तब उसका मैसेज आया- कौन हो आप?
तब मैंने कहा- आपकी पसंद अच्छी है … रेड शर्ट में आप स्मार्ट दिखोगे.

वह भौचक्का रह गया था कि मैंने कैसे जान लिया लाल शर्ट के बारे में!

बस अब हमारी बातें शुरू हो गईं.

मैंने उसे बताया कि मैंने तुम्हें मॉल से टी-शर्ट और मोजे खरीदते हुए देखा था.

इस तरह से हम दोनों ने रात को 3 बजे तक बात की और एक दूसरे के मोबाइल नंबर ले लिए.
साथ ही दूसरे दिन मिलने की बात भी पक्की हुई.

दूसरी सुबह में उठी, अच्छे से नहाई और चूत के बाल साफ किए.

मैंने अपनी सबसे महंगी गोल्डन ब्रा पैंटी पहनी और स्लीव लेस सूट पहना, जिसका गला काफी गहरा था; ब्रा के हुक टाइट लगाए.
इस सूट में मेरे आधे से ज़्यादा बूब्स दिख रहे थे.

फिर मैंने ब्यूटी पार्लर में जाकर अपना मेकअप करवाया.

अब मैं उसके बताई हुई कॉफी शॉप पहुंची तो वह वहां पहले ही आ गया था और एक कोने में बैठा था.

हम दोनों ने साथ में कॉफी ली और उसकी कार में बैठ कर लांग ड्राइव के लिए निकल गए.

कार चलती जा रही थी और हमारी बातें नार्मल से सेक्सी होने लगीं.

कुछ देर बाद उसने मुझे प्रपोज़ किया.
तब मैंने शर्माने का नाटक किया और कुछ देर ना नुकुर करके हां कर दी.

कुछ देर बाद उसने कार सुनसान जगह रोक दी और मुझे अपनी तरफ खींच कर अपनी बांहों में ले लिया और मेरे बाल पकड़ कर मेरे होंठों पर होंठ रख दिए.

पूरे 15 मिनट तक उसने मेरे होंठ चूसे … जिसका मैंने भरपूर साथ दिया और मज़ा लिया.

फिर उसने कहा- क्या हम दोनों मेरे फार्म हाउस चलें?

यह जानते हुए भी कि वह मुझे वहां ले जाकर मेरी चुदाई करेगा, फिर भी मैंने उससे पूछा- हम वहां क्या करेंगे?
तो उसने कहा कि वह मुझे अपना पैंट हाउस दिखाना चाहता है.
मैंने कहा- ठीक है.

अब उसने कार अपने फार्म हाउस की तरफ ले ली.

कुछ देर बाद हम फार्म हाउस पहुंच गए और उसके पैंट हाउस में जाकर बैठ गए.

हम दोनों आमने सामने सोफे पर बैठ थे और बातें कर रहे थे.

मेरा दिल कह रहा था कि साले भैनचोद इधर उधर की बातें करना बंद कर और मुझे अपने ऊपर खींच कर मसल दे मेरी जवानी.

मैं अभी यह सोच ही रही थी कि उसने अपनी शर्ट उतार दी और मेरे इर्द गिर्द पैर डाल कर मेरे चूचे मसलते हुए मेरे होंठ अपने मुँह में भर लिए.

मैंने भी उसकी पीठ पकड़ते हुए उसे अपने ऊपर खींच लिया.

कुछ देर चुम्बन का मज़ा लेने के बाद उसने मेरी कमीज उतार दी और मेरी ब्रा के हुक खोल दिए.
फिर तो उसने जो गति पकड़ी, समझो मजा आ गया.
एक सेकंड में ही मेरे चूचों पर से ब्रा को नोंच कर ज़मीन पर फेंक दिया.
मेरे मोटे दूधिया चूचे किसी कबूतर की तरह फड़फड़ा कर बाहर निकल आए.

मेरे परिपक्व और मोटे दूधिया चूचों को देखकर वह किसी शिकारी कुत्ते की तरह उन पर टूट पड़ा और उनको मसल मसल कर चूसने लगा.

इस तरह चूचों की चुसाई से मेरे मुँह से भी हल्की हल्की मादक सिसकारियां निकलने लगीं.

थोड़ी देर बाद वह उठा और उसने मेरे सामने खड़े होकर अपनी पैंट और चड्डी खोल दी.
उसका गहरा गुलाबी हलब्बी लंड मेरे सामने उसकी जांघों के बीच लहराने लगा.

उसने एक हाथ से अपना लंड पकड़ा और दूसरे हाथ से मेरे बाल पकड़ कर मेरे मुँह में लंड ठूस दिया.

वह हल्के हल्के झटके लगाने लगा और मैं भी आंखें बंद करके उसका लंड चूसने लगी.

कुछ ही देर में उसका लंड पूरी तरह टाइट हो गया.
पूरा टाइट होने के बाद उसका लंड करीबन 8 इंच लंबा और 3 इंच मोटा हो गया.

फिर उसने मेरे मुँह से लंड बाहर निकाला तो मैंने एक गहरी सांस ली.

उसने मुझे अपनी बांहों में उठाया और बेड पर फेंक दिया.

फिर उसने मेरी सलवार का नाड़ा खोला और मेरी पैंटी समेत मेरी सलवार नीचे खींच कर एक कोने में फेंक दी.

अब मेरी गोल मांसल चिकनी जांघें चमकने लगी थीं.
उनके बीच मेरी चिकनी चूत किसी फूली हुई तंदूरी रोटी की तरह नुमाया हो गई.

मैं पूरी मादरजात नंगी उसके सामने पड़ी थी.

अब थी तो मैं पक्की चुदक्कड़ रंडी … मगर शर्माने का नाटक करते हुए मैंने एक हाथ से अपनी चूत और दूसरे हाथ से अपने चूचे छुपा लिए.

वह मेरे ऊपर आया और मेरी जांघों को घुटनों से लेकर चूत तक चूमते हुए ऊपर बढ़ा.
उसने मेरा हाथ चूत से हटाया और मेरी चूत चाटने लगा.

अपने दोनों हाथों से उसने मेरे चूचे पकड़ लिए और मसलने लगा.
उसके हाथ मेरे चूचे मसल रहे थे और उसकी जीभ मेरी चूत की चटाई कर रही थी.

इस वक़्त मैं जन्नत जैसा महसूस कर रही थी.
कुछ देर बाद वह उठा और एक तकिया मेरी गांड के नीचे रख कर मेरी टांगें ऊपर उठा दीं.

मैंने भी अपनी दोनों टांगें हवा में लहरा दीं.

उसने मेरी दोनों टांगों को बारी बारी से चूमा और अपने कंधों पर रख लीं.
उसके ऐसा करने से उसका लंड मेरी चूत में टक्कर मारने लगा था.

मैं अपनी लपलपाती चूत में उसके लंड के घुसने का इंतज़ार करने लगी.

उसने लंड के सुपारे से मेरी चूत को रगड़ना चालू किया और एक मिनट बाद ही उसने लंड के सुपारे को चूत के छेद पर सैट कर दिया.

मुझे लग रहा था कि यह अभी सुपारे से चूत की मालिश और करेगा.
लेकिन बंदे से एक ही झटके में अपना पूरा 8 इंच का लंड मेरी चूत की गहराई में उतार दिया.

वैसे तो मेरी चौड़ी और गहरी चूत में उसका लंड बिना किसी दर्द और अड़चन के पूरा गप करके उतर गया था, फिर भी मैं नाटक करके चिल्लाने लगी ताकि उसे भी उसके लंड पर गुमान हो.

मैं कहने लगी- आह राज, प्लीज निकालो इसे … मुझे दर्द हो रहा है प्लीज निकालो आह राज धीरे करो … तुम्हारा बहुत मोटा है.
वह बड़ा खुश हो रहा था कि उसने मुझे दर्द दिया.

इसी तरह से कुछ मिनट तक मैंने दर्द का नाटक किया फिर मैंने अपने पैर उसके कंधों से उतार कर अपने पैरों को उसकी कमर में लपेट लिया.

अब नीचे से ही लंड की ताल से ताल मिलाकर मैं अपनी गांड उछालने लगी और उसके मूसल लंड के झटकों का मज़ा लेने लगी.

उधर मेरी चूत पर उसके मोटे लंड की थाप पड़ रही थी जिससे छप-छप-छप की आवाज़ आ रही थी … और इधर मेरे मुँह से आह-आह-आह निकल रही थी.

वह मेरे चूचे चूसते हुए पूरी ताक़त से मेरी चूत में लंड के झटके लगा रहा था.

हर झटके पर उसके लंड का सुपारा मेरी चूत की गहराई में मेरी बच्चेदानी का चुम्बन ले रहा था.
मैं आंखें मूंद कर चुदाई के पकवान खा रही थी.

पूरा कमरा छप आह छप आह छप आह की आवाजों से गूंज रहा था.

पूरे आधे घण्टे तक उसने मेरी चूत इसी तरह चोदी और मेरे चूचे चूस चूस कर लाल कर दिए.
फिर उसने अपना गाढ़ा मीठा गर्म गर्म वीर्य मेरी चूत में भर दिया. मुझे उसके गर्म वीर्य से बहुत सुकून मिला.

मुझे चोदने के बाद वह मेरी बगल में लेट गया और हांफते हुए कहने लगा- आई लव यू जान … आई लव यू!

तब मैंने उसके बालों में हाथ डाला और उसके चेहरे को अपने चूचों में दबा दिया.
मैं चाहती थी कि वह मुझे और चोदे.

कुछ देर बाद वह पूरा ठंडा हो गया.

तब मैंने उसका लंड मुट्ठी में दबाया और मुठ लगाने लगी और उसके होंठ चूसने लगी.
कुछ ही देर में उसका लंड फ़िर से खड़ा हो गया.

इस बार उसने मुझे घोड़ी बनाया और फिर Xxx गर्ल चूत में लंड पेल दिया.
इसी तरह उस दिन उसने मुझे शाम को 7 बजे तक कई बार कई आसनों में चुदाई की.

मैंने भी उसको नीचे लिटाकर कई बार उसके लंड की सवारी की.
मैं तब तक चुदवाती रही जब तक मेरी चूत पूरी तरह से कई बार ठंडी न हुई.

फिर हम दोनों नहाए और उसने मुझसे कल फिर से मिलने का वादा लेकर मुझे मेरे घर के पास छोड़ दिया.

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